नमस्कार दोस्तों जय माँ मेलडी,हर हर महादेव, जय श्री गणेश। अनेक लोगो के मस्तिष्क में विचार आता है कि घर में उग्र शक्तियों का फ़ोटो या मूर्ति रख कर स्थापना करनी चाहिए या नही? क्या ऐसा करने से हमारे घर का अहित तो नही होगा या हमारी कुलदेवी या पितृ रुष्ट तो नही हो जायेंगे। आज में इसी के बारे में आप लोगो को मार्गदर्शन देने वाला हूं। तो कृपा अंत तक बने रहे।
तो चलिए शुरू करते है:
अधिकतर उग्र शक्तियों का वास समसान में होता है इसलिए व्यक्ति के मन में संकोच होता है कि घर में ऐसी शक्तियों का फोटो अथवा मूर्ति रखने पर अहित होता है । अधिकतर ये बात माता काली पर ज्यादा लागु होती है।तंत्र शास्त्र अनुसार काली का विशेष महत्व है और दश महाविद्याओं में प्रथम महाविद्या वे ही हैं इस कारण से साधक चाहता है कि घर में काली की स्थापना कर उपासना करे और माई को प्रशन्न करे। वैसे तो काली के अनेकों रूप है काली पूर्ण ब्रह्माण्ड के समान है परंतु उनका दक्षिण काली रूप शास्त्र अनुसार महाविद्या हे और अन्य महाविद्या भी उनमें समाहित है इस कारण से हम उन पर बात करेंगे।
अगर आप साधक हे और काली माता की फोटो की स्थापना करना चाहते है तो आप कुलदेवी की आज्ञा लेकर कर सकते है।अगर मूर्ति की स्थापना करनी है तो प्राण प्रतिष्ठा करना आवश्यक है।जैसे मनुष्य का शरीर प्राण ऊर्जा बिना मृत होता है वैसे ही प्राण प्रतिष्ठा के बिना मूर्ति का कोई मोल नही।
काली या किसी और अन्य शक्ति की स्थापना में कोई संकोच वाली बात नहीं परंतु आपको अपने वचनों का पक्का होना होगा। आपको हर वर्ष देवी या देवता को नैवेद्य अर्पण करना होगा जैसे कुलदेवी का करते है।आपको पूर्ण रूप से देवी देवता को सम्मान देना होगा ऐसा नहीं कि काम न होने पर देवी - देवता को गाली दे दी या अपमानजनक शब्द बोल दिए।
स्थापना करने से पहले कीन बातों का ध्यान रखना है?
स्थापना करने से पहले आपको आपकी कुलदेवी की आज्ञा अवश्य लेनी है। अगर कुलदेवी ना बोले तो स्थापना नहीं करनी फिर अगर आज्ञा मिल जाए तो पितृओ से भी प्राथना करनी है कि हम अमुक देवी - देवता की स्थापना कर रहे है आपकी आज्ञा मान कर आप हम पर अपनी कृपा करे और सब मंगल हो। अगर आपको कुलदेवी की आज्ञा लेना नहीं आता तो हमारे Telegram ग्रुप में ज्वॉइन होकर मुझे पर्सनल में बताइएगा तो में उसपे एक डिटेल में पोस्ट बना दूंगा। Telegram ग्रुप की लिंक नीचे सबसे लास्ट में मिल जाएगी
में मेरा सम्पूर्ण ज्ञान गुरु माता मां खूंखार मेलडी(Bareja) तथा गुरु पिता महादेव और गुरुदेव श्री गणेश का प्रसाद समझता हूं तथा सारा श्रेय उनके श्री चरणों में समर्पित करता हूं।