नमस्कार दोस्तों जय मा मेलडी,जय श्री गणेश,हर हर महादेव।दोस्तो अनेक ऐसे लोग है जो नहीं जानते की नित्य कुलदेवी का पूजन किस प्रकार किया जाता है। तो दोस्तो आज में आपको एक सरल विधि प्रदान करूंगा जिससे आप कुलदेवी का नित्य पूजन कर उनको प्रसन्न कर पाएंगे।
सबसे पहले जब आप सो के उठे तब ही आपको अपने गुरुदेव,पितृ - पूर्वज, इष्ट और कुलदेवी का स्मरण कर लेना है। उसके बाद जब आप अपना बिस्तर त्यागे उससे पहले धरती माता को चरण स्पर्श कर उनको नमन करना है।
स्नान आदि से निवृत हो कर आपको अपने मंदिर में जाना है और सबसे पहले अपने कुलदेवी - कुलदेवता को स्नान करना है। अगर मूर्ति अथवा सुपारी हो तो उसको आप स्नान करवा सकते है और अगर तस्वीर हो तो भी चिंता की कोई बात नहीं है आपको कुलदेवी के समक्ष एक लोटे में जल लेके नीचे एक पात्र रख के सुर्यनारायण को जैसे अर्द्या प्रदान करते है वैसे कुलदेवी का चिंतन करके उनको स्नान करवाना है। उसके बाद आपको वो जल पक्षियों के लिए पीने के लिए रखना हे इससे आपकी कुलदेवी - देवता का सत बढ़ेगा।
इसके बाद आपको घी अथवा तेल का अपनी कुलदेवी हो तो लेटी रूई का दीपक प्रज्वलित करना है और कुलदेवता हो तो खड़ी रूई का। उसके बाद आपको प्रज्वलित दीपक में ही कोई भी मिठाई या खाद्य पदार्थ भोग रूप में चढ़ाना है और आपको भोग कुलदेवी के चित्र में उनकी जिहवा पर भी लगाना है और सब में प्रसादी रूप में बांट देना है और आपको कुलदेवी की जीहवा पर जल भी चढ़ाना है।
आपको हर रोज अपनी कुलदेवी के नाम से पक्षियों को दाना डालना हे आपको ये साधारण लगेगा परन्तु ये अत्यंत ही चमत्कारिक और लाभकर सिद्ध होता है और हर रविवार को अपनी कुलदेवी देवता को नारियल की बलि चढ़ा देनी है इससे आपका पूरा हफ्ता कुशल मंगल एवं आनंद के साथ बीतेगा।
में मेरा सम्पूर्ण ज्ञान गुरु माता मां खूंखार मेलडी(Bareja) तथा गुरु पिता महादेव और गुरुदेव श्री गणेश का प्रसाद समझता हूं तथा सारा श्रेय उनके श्री चरणों में समर्पित करता हूं।